उनके कर-कमलों की कुलबुलाहट ....

इधर आसमान मे मेघों का नर्तन प्रारम्भ हुआ नहीं कि 'उनका' मन-मयूर भी नर्तन करने लगता है...उनके 'कर' जो कमल कहलाते ही नहीं आमंत्रण पत्रों मे लिखे भी जाते हैं जबर्दस्त तरीके से कुलबुलाने लग जाते हैं इस

बीती सदी की सबसे चमत्कारिक घटना ये हुई - मुकेश जोशी

 बीती सदी की
सबसे चमत्कारिक घटना  ये हुई कि,
सदी ने मुझे जन्मा

स्वर्ग में भी देवताओं को गुदगुदा रहे होंगे पंडित ओम व्यास

8 जुलाई 2009  की वो काली रात जब भीषण दुर्घटना मे गंभीर रूप से ज़ख्मी देश के जाने माने कवि पंडित ओम व्यास 'ओम' मौत से चल रही जंग मे धीरे धीरे जीत की तरफ बढ़ रहे थे ... उम्मीदों से भरे परिजनों को ही नहीं चिकित्सकों तक को लगने  लगा था कि ओमजी वापस लौट आएंगे तब यमदूत दबे पाँव आए और चुपके से उन्हे ले गए अपने साथ और छोड़ गए हजारों  अपनों  तथा चाहने वालों की बड़ी फौज को सिर्फ विलाप करते हुए ....

चाँद पर बाग ....दिल बाग बाग .....

अमेरिकी सांसदों के चांद पर एक नेशनल पार्क बनाने के अति महत्वाकांक्षी प्रस्ताव की खबर सुनकर वाकई दिल बाग-बाग हो चला है .....मन तो अभी कर रहा है कि...".चलो दिलदार चलो ....चांद के पार चलो ...".या अपनी भी कोई प्रेमिका वगैरह हो तो गायें -

लो, फिर शुरू हुआ 'भारत-निर्माण'

लो, फिर शुरू हुआ 'भारत-निर्माण'                     
                             
भले ही हमारे यहाँ की आस्थाओं -विश्वासों मे 'संकट-मोचक' के रूप मे बजरंग बली या हनुमानजी ख्याति प्राप्त 'संकट-मोचक' हों क्योंकि आदमी बेचारा कभी न कभी तो मुसीबत या संकट मे आता ही है तब वो खुद ब खुद अपने सारे संकट हनुमानजी की तरफ

चिकन-मटन के बीच फंसे सावरकरजी की जयंती

चिकन-मटन के बीच फंसे सावरकरजी की जयंती 

अपने समय के महान स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकरजी की आज जयंती है। उज्जैन मे उनके अनुयायियों द्वारा उनकी प्रतिमा जहां प्रतिष्ठित की गई है, उसे प्राधिकरण के तत्कालीन अध्यक्ष जी ने वीर सावरकर चौराहे का नाम भी दिया था और एक बड़ा बजट भी इस सुभाषनगर ( अब वीर सावरकर ) चौराहे  के विकास के लिए बनाया गया था। विकास का वो बजट कहाँ गया ये तो