चुनावी नक्कारखाने मे मतदाता की तूती- मुकेश जोशी!


चुनावी नक्कारखाने मे मतदाता की तूती- मुकेश जोशी!
लोकसभा चुनाव के तीन चरण पूर्ण हो चुके हैं और अभी तक का मतदान प्रतिशत लगभग 60% से ज्यादा ही रहा है, इससे यह प्रतीत होता है जैसे मतदाता जाग गया है, लेकिन असल मे ऐसा है नहीं। चुनाव पहले भी हुआ करते थे, लेकिन महज रस्मी। जागे हुए लोग तब बगैर शोरगुल के वोट डाल आते थे, उन्हे पता भी होता था, कि अगर उन्होने वोट न भी डाला तो सरकार तो बन ही जाएगी तब कम मतदान प्रतिशत के बावजूद सालों साल कई चुनावों तक अकेली कांग्रेस ही देश पर राज करती रही।
कांग्रेस के नेताओं को ये लगने लगा था  कि ये मुल्क तो स्वाभाविक रूप से उनका ही है, इसी चक्कर मे इन्दिरा गांधी 75 में 'आपातकाल' लगा बैठी, नतीजा 77 मे लोकनायक जयप्रकाश नारायण से एक जबर्दस्त जन आंदोलन के जरिये संयुक्त विपक्ष