देश मांगे आज़ादी -मुकेश जोशी
पूरे साढे अडसठ साल हो गए आज़ादी मिले को, पर
हमारा देश आज भी आज़ादी मांग रहा है|
टीवी पर रिसालों में, नेट पर, मोबाइल में हर किसी को आजादी की दरकार है, हर कोई ऐरा गैरा नत्थू खैरा मुंह उठाए
मुट्ठी बांधे आजादी-आजादी चिल्ला रहा है|