"यादवजी के दो आगे यादवजी , यादवजी के दो पीछे यादवजी " बोलो कितने यादवजी?

बोलो कितने यादवजी?
यादव जी ने यादव जी से अध्यक्ष पद छीनकर यादव जी को दे दिया..
यादव जी के इस फैसले से यादव जी नाराज़ हो गए..
नाराज़ यादव जी ने यादव जी से उनके विभाग छीन लिए..
और यादव जी के कुछ विभाग, यादव जी ने अपने पास रख लिए..
फिर यादव जी से, मुलाक़ात करने यादव जी, दिल्ली आ गए..
यादव जी, ने मुलाक़ात के लिए यादव जी को भी बुलाया..
लेकिन यादव जी से मिलने की बजाय, यादव जी लखनऊ में ही रह गए..
इधर यादव जी और यादव जी की मुलाक़ात करीब ढाई घंटे तक चली..
यादव जी से मुलाक़ात के बाद यादव जी ने कहा.. जो यादव जी कहेंगे यादव जी वही करेंगे..
फिर यादवजी ने यादव जी को ६ साल के लिए पार्टी से निकाल दिया,
 और ६ घंटे बाद यादव जी ने यादव जी को वापस बुला लिया
एक दिन बाद,
 यादव जी ने राष्ट्रिय अधिवेशन बुला कर यादव जी को पार्टी मार्गदर्शक बना दिया ,
यादव जी ने नाराज हो कर अधिवेशन को असंविधानिक घोषित कर दिया,
 और यादव जी के समर्थक यादव जी को फिर पार्टी से निकाल दिया ! 
ताज़ी खबर ये है की यादव जी ने यादव जी के ऑफिस पर कब्ज़ा कर लिया है 
और यादव जी के समर्थको ने यादव जी की नेमप्लेट हटा दी है !!
कुछ समझ में आया..
आ गया तो बताओ..
"यादवजी के दो आगे यादवजी , यादवजी के दो पीछे यादवजी "
बोलो कितने यादवजी ?
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लेख विषयक प्रत्येक बात के लिए लेखक स्वयं उत्तर दाई है| संपादक. ============================================

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